मै काफी दिनो से देख रहा हूँ कि आप मुझसे सही माइने मे मेरे साथ बरताव नही कर रही हो मेरी कुछ बात मानती नही हो और ना ही मेरी इज्जत करती हो और तुम्हारा मेरे साथ ऐसा बर्ताव मुझे अच्छा नही लगता
Sorry....! Sorry….! Sorry….! Sorry….!
आप सोच रही हो कि मैं आपसे माफी क्यों मांग रहा हूँ तो आप सही सोच रही हो। मैं इसलिये माफी मांग रहा हूँ कि मैनें आपसे बहुत बदसलूकी की है और गलती भी की है। मैने क्या बदसलूकी और गलती की है आप जरा सुनिये।
मै आपसे कुछ दिनो से नर्मि से पेश नहीं आता।
आपसे कभी अच्छे से मै बातें नही करता।
मै हमेशा आपसे गुस्से से बात करता हूँ ।
मै आपको नफरत की नजर से देखता हूँ।
आपको उदास देख कर भी हसाने की बजाय और गुस्से वाली बात कर देता हूँ।
और आपको हमेशा डांटते रहता हूँ।
और ऐसी बहोत सी छोटी छोटी सी बाते हैं कितनो को लिखूँ इसलिये मै आपसे माफ़ी मांग रहा हूँ sorry, i am very very sorry और आज के बाद मैं ऐसी बदसलूकि आपसे कभी नही करूंगा sorry,pleaze मांफ कर दो न।
और मेरे माफ़ी मांगने का कारन है कि आप मुझसे कभी हस के और मुस्कुराके बाते नही करती तो मुझे अच्छा नही लगता। और करोगी भी कैसे क्योकिं मैने आपको कई बार रुलाया है डाँटा है तो जाहिर सी बात है आप तो मुझसे नाराज रहोगी न क्यों ठीक कहा न मैनें। ये था मेरा बदसलूकी
और अब सुनिये मेरा ऐसा आपके साथ बदसलूकी करने का कारन क्या है और मै क्यो करता हूँ
तो सुन मेरा ऐसा करने का कारन आप हो और कोई नही समझ मे आया…….नही आया
……….मै समझाता हूँ……..।
दिल एक रेलगाड़ी की तरह होता है जो बिना सिरे वाली पटरी पर चलती है कभी इस स्टेशन तो कभी उस स्टेशन ना जाने कितने स्टेशन पर जाकर रुकती है लेकिन फिर भी चलती रहती है।
ठीक ऐसे ही मेरे साथ हुआ है और आपसे मुझे प्यार हुआ है।
मै सबसे पहले आप लोगो के घर आया आपके बड़ी बहन को देखने तब आप 9वी कक्षा मे थी मैने घर के सभी लोगो को देखा सारे लोगो को छोड़ के मुझे सिर्फ 2 लोग ही पसंद आये और आज भी मै तुम दोनो को ही दिलो जान से पसंद और उससे भी जादा प्यार करता हूँ एक आपकी बड़ी बहन जिसे मै पहले से ही पसंद और प्यार दोनो एक साथ करता था और दुसरे मे आप ।
आप तो अपने पूरे घर भर में पहले भी सुन्दर थी और आज भी खूबसुरत दिखती हो…….आपकी क्या अच्छा नहीं लगता। मुझे सब अच्छे लगते हैं
आपकी गाना गाना, बोलना, चलना फिरना, गुस्सा होना, बच्चो को रुलाके हंसाना, खेलाना, दूलारना, मुझसे लड़ना, तुम्हारी चन्चलता सभी अच्छे लगतें तुम्हारे।
आपकी बड़ी बड़ी दो आँखें, उसमे सुन्दर…. सी दो काली काली पुतलियां,
पतली पतली लंबी…. सी दो भौवें,
आपकी कोमल कोमल धनुस जैसे गुलाबी गुलाबी होंठ और उसमे खिरा के समान सफेद सफेद थोड़ी गेपिंग वाली दांत मे निचे होंठ को दबा के मुस्कुराना,
लम्बी सी सकल दिमाग वाली अकल मुलायम मुलायम गाल जिसमे बिखर्ती कुछ बाल और सिम्पल सी आपकी शरीर को देख कर मुझे ऐसा लगने लगा की आप भी मेरी हो जायँ और मन ही मन मै आपसे प्यार करने लग गया और अभी भी करता हूँ।लेकिन कभी आपसे कह ना सका। अब मै कैसे बताऊं कि आपको खुस,हंसते मुस्कुराते हुये देखता हू तो मुझे कैसा लगता है।ऐसा लगता है कि आप मेरे साथ बैठी रहो, मुझसे बाते करते रहो और जादा से जादा मेरे पास रहो ।
तुम मेरी सबसे छोटी वाली साली हो एसलिये मेरा तुम पर जादा मया है मेरा प्यार होने के नाते तुम्हारी फिकर भी। मै किसी के लिये कही पर जाऊँ या ना जाऊँ, कुछ करू या ना करू लेकिन तुमहारे लिए जरूर करता था करता हूँ और करता रहूँगा । ये मेरी बात अच्छे से गाँठ बान्ध कर अपने दिल मे रख लो और अपने लाइफ मे कही पर भी कभी भी चाहे तुम जो भी हाल मे हो मुझे याद करना मै वाहा कोई भी हालत मे पहुचुन्गा ये मेरा तुमसे वादा है। और मेरे उपर भरोसा नही है तो कभी परीक्षा लेकर देखना मेरा।
तुम्हे अभी भी कुछ होता है तो मेरा जी जल जाता है इतना प्यार करता हूँ मै तुमसे
याद है तुम्हे तुम ठीक हो जाओ करके रात मे दिन मे चार चार लोग बाइक मे बैठाके कान्हा कुटेला, चटुआ, बोड़सरा, अपने घर मे ले जाके तुम्हे आराम मिले करके मै रात को जाग के तेरी सेवा करता था।
तुम मुझे अच्छा समझो या बुरा वो मै नही जानता लेकिन मै अपनी तरफ से अगर तुम मांगो तो वो हर खुसी दूँगा जो मुझसे मुमकिन होगा चाहे तुम जो भी मांग लो ।
अब चलो ये बताओ मै आपसे 2018 याने लगभग 4 साल से प्यार करते आ रहा हूँ लेकिन मैने कभी जाहिर नही किया आपसे। ये सोच कर नही किया की आप मेरे मुँह से निकला हुआ शब्द और मेरा आपके लिए फिकर वाली बात से समझ जायेंगे और मेरे देखने की नजरिया से भी समझ जायेंगे लेकिन नही समझ पायी। चलो ठीक है ये सब अपनी अपनी समझने की क्षमता पर डिपेंड करता है।
अब चल बता जी मै प्यार करता हूँ तुमसे
और तुम प्यार करती हो किसी और से
और तुम लोगो को कंही पर मै एक साथ देंखू तो मुझे गुस्सा नही आयेगा, मुझे चीड नही आयेगा, मुझे जलन नही होगा ।होगा
और यही कारन है मेरा तुम्हारे साथ सही ढंग से पेश नही आने का कारन ।मेरा चिल्लाने का कारन।
