दिशा निर्देश कहानी
बस टाप म बस ले एक सुघ्घर बने जवान चाकर छाती वाले ऊंच पुर आदमी समान धरके ऊतरीस। अऊ खणा होके सबो डाहर ल नजरीयाईस अबण बेरा देखे के बाद एक आटो दिखिस। फेर ओ आदमी बिना टाईम करे आटो के तीर म गईसे अऊ आटो चलईय्या ल कहिस भईय्या मोला नारनौल के जैतखाम के दर्सन करे बर जाना हे तंय केतका किराया लेबे। आटो वाले कहिथे आदमी सो 100 रुपिया किराया लगही। ऐतना बात ल सुन के आदमी बुद्धिमानी देखावत आटो वाले ल कहिथे नारनौल तो तीर म हे तंय ऐतना लक्ठा के 100 रुपिया लेहुं कईथस। ठीक हे मंय अपन समान ल खुदे धर के चल देंहू रेंगत रेंगत अऊ आटो वाले ल कहिस तू मन तो नवा आदमी ल लूटेच बर धरे रईथव नई जाण्ही तेला । ऐतना कई के अपन रद्दा चल देथे। ओ नवजवान आदमी समान ल धरे धरे रेंगत रेंगत जात रहय थोर कन दूरिहा जाय के बाद ऊही आटो वाले ल फेर भेट डरिस। ओला रोकवाके बोलथे भईय्या अब तो मंय आधा धूर आ गयेंव अब केतना लेबे तेला बता। अब तो तोला डबल परही। आदमी अचम्भा होके बोलथे ओ कईसे जब ओमेर रहेंव बस टाप म त 100 रुपिया बोले रहे अब आधा धूर आ गयेंव तब 200 रुपिया काबर ऐ कोन डाहर के हिसाब ऐ तोर । मोला उल्लू समझे हस का ? ऐतना बोल के आदमी चुप हो जाथे तब आटो वाले बोल्थे ओ मोर रद्दा रेंगईय्या भईय्या जब तंय सुरु पुछे हस त ओ मेर ले तीर म रहिस पर अब तंय नारनौल के बिल्कूल उल्टा दिशा म आ गये हस नारनौल के जैतखाम तोर पीछे के दिशा म हे ऐतना सुन के आदमी चुप चाप आटो म बईट गे अऊ बोल्थे चल तोला 200 रुपिया देहूं। तब आटो वाले बोल्थे आदमी ल। भईय्या जब तोला बोले रहेव सुरुच म त तंय माने नई हस मोर बात ल त ओखर भुगतना ल तो तंय भोगबेच्चे न । बिना सोचे समझे अपन रद्दा अपनाय हस त तोर टाईम अऊ थोर कन के जगा म जादा पईसा घलो बरबाद होई से न । आटो वाले अऊ बोल्थे बिना सोचे समझे आदमी ल कोई काम नई करना चाहिये ।