रहे नहीं जी जग म ककरो अभिमानी, चलय नहीं जी जग म ककरो मनमानी | cg पन्थी song | Nava Bihaniha cg likhit song

 

रहे नहीं जी जग म ककरो अभिमानी

चलय नहीं जी जग म ककरो मनमानी

राजा रानी संत फकिरा साधू ओ सन्यासी,

सादा रण्ग के झण्डा धारे बोले गुरु घासी जी 

          रहे नहीं जी जग म ककरो अभिमानी

          चलय नहीं जी जग म ककरो मनमानी

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बडे बडे राजा आइन, अऊ सुन्दर सुन्दर रानी

बडे बडे नेता आइन, सुन्दर बोलिन बानी

धन बल अऊ पद ल पाके, कारिन ग मनमानी 

कतको झन सहादत होइन, वीर बली दानी जी

          रहे नहीं जी जग म ककरो अभिमानी

          चलय नहीं जी जग म ककरो मनमानी


पवन प्रचण्ड कोपकरिन, अऊ आगी पानी

अपने अपने अहम के मारे, कारिन ग नादानी

सतनाम सत पुरुष बोले सतनाम ल जानी

पांच नाम परवाना लेके, छोडीन ग कुजानी जी

           रहे नहीं जी जग म ककरो अभिमानी

           चलय नहीं जी जग म ककरो मनमानी


बडे बडे साधू मुनी, ए जग म आइन 

सत नाम ल खोजत खोजत, तन ल तपाइन 

ए तन घट भीतर बोले, वही ल पुरुष जानी

हाथ जोड़ रत्नाकर बोले, मति हे नादानी जी 

          रहे नहीं जी जग म ककरो अभिमानी

          चलय नहीं जी जग म ककरो मनमानी




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