ट्रेन में सफर करना पड़ा महंगा….. जाने कैसे ?
कोई भी इंशान अगर कोई गलती करता है तो जान बुझ कर करता नहीं । क्योकी कोई नहीं चाहता की वो अपने ही पैरो पर कुल्हाड़ी मारे। गलती होती है तो अंजाने या जल्दबाजी या फिर गलती से गलती होती है जिसकी खामियाजा उसे खुद भुगतना पडता है। ऐसे ही एक लड़का पुणे गया था कुछ दिन रहा काम किया 2 हप्ते बाद उसे घर से कॉल आया। उसे कहा गया तुम्हें अर्जेन्ट घर आना होगा। अब वो लड़का दुसरे दिन घर आने को मन बना लिया घर आने से पहले उसने ट्रेन टिकट कटाने स्टेशन गया चूंकि उसे वर्तमान और आने वाले दिन के लिये ट्रेनें तो थी पर उसे उस दो दिन के भीतर टिकट नहीं मिला। अब वो बन्दा सोचा की मैं ऐसे ही without टिकट चला जाऊंगा। फिर दुसरे दिन घर जाने के लिये निकला और स्टेशन पहुंचा। अब यहाँ से उसके लिये परेशानी चालू होती है। उस लडके को सबसे पहले स्टेशन के मुख्य गेट पर कुछ चेकर द्वारा रोका गया और उस लड़के को बोला टिकट दिखा तो वो दर गया और सोचा की मेरे ऊपर कहीं कुछ जुर्माना ना ठोक दे। फिर वो लड़का बोला नहीं मैं तो बस स्टेशन घुमनें आया हूं मैं कहीं जा नहीं रहा हूँ। फिर चेकर उसे कहा स्टेशन टिकट कटाये हो। दिखा...। लडके ने कहा नहीं मैं कता के आता हूँ ऐसा बोल के टिकट कटाया और स्टेशन अंदर घुस गया। ट्रेन आने के टाईम हो गया था। ट्रेन आई और उसके अंदर बैठ गया। कुछ दूर जाने के बाद उसके पास T. T.I. टिकट चेक करने के लिये आया और बोला उसे। टिकट दिखा। लड़का डर गया! और बोला टिकट नहीं है मैं अर्जेन्ट घर जा रहा हूँ टिकट कटाने गया था पर मुझे जगा नहीं है करके टिकट नहीं दिया तो मैं ऐसे ही बिना टिकट के ट्रेन में बैठ गया एसके लिये sorry sir ! मैं without ticket सफर कर रहा हूँ इसके लिये आपसे माफी चाहता हूँ। ठीक है 700रु निकाल टिकट बना के देता हूँ। और T.T.I. ने जाते जाते बोल के गया की चाहे टिकट हो या नहीं भी।
अगर ट्रेन में सफर करना है तो कुछ जरूरी दस्तावेज साथ में रखकर सफर करना :-
( आवश्यक दस्तावेज )
मतलब ऐसा कोई भी Original कार्ड हो जिसमे नाम, पता, लिखा होना साथ में रख कर सफर करना नहीं तो जुर्माना के हकदार रहोगे।


